भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 Indian Independence Act 1947 In Hindi | Gkanywhere

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भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 🇮🇳

INDIAN INDEPENDENCE ACT 1947 ⬇️
ब्रिटिश संसद में 4 जुलाई 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम प्रस्तावित किया गया, जो जल्द ही 18 जुलाई 1947 को स्वीकृत हो गया। इस अधिनियम में 20 धाराएं थी। जिनमें प्रमुख निम्नलिखित थी।

1. संविधान सभाओं को सत्ता सौंपना।

Handing Over Power To The Constituent Assemblies ⬇️
यह व्यवस्था की गई कि ब्रिटिश सरकार दोनों अधिराज्यों की संविधान सभाओं को सत्ता का उत्तरदायित्व सौंप देगी। उनको अपनी इच्छा अनुसार संविधान का निर्माण करने की स्वतंत्रता होगी। इस प्रकार संविधान सभाएं संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न होंगी।

2. दो आधिराज्यों की स्थापना 🎯

Establishment of Two Dominions ⬇️
इस अधिनियम द्वारा भारत का विभाजन कर पाकिस्तान की स्थापना कर दी गयी। यह निश्चय किया गया की 15 अगस्त ,1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो अधिराज्य बना दिए जाएंगे और उनको ब्रिटिश सरकार सत्ता सौंप देगी।

3. संविधान सभा का विधानमंडल के रूप में कार्य करना 🎯

Functioning of the Constituent Assembly as a legislature.
जिस समय तक संविधान सभाएं संविधान का निर्माण नहीं कर लेती है, उस समय तक वे विधानमंडल के रूप में भी कार्य करती रहेगी और उनकी विधायिनी शक्तियों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं होगा। 15 अगस्त , 1947 के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित कोई अधिनियम इस अधिराज्यों पर उनके विधान मंडलों की स्वीकृति के बिना लागू नहीं होगा।

4. प्रांतीय विधानमण्डल 🎯

Provincial Legislature ⬇️
जिस समय तक नवीन विधान के अनुसार प्रान्तों में निर्वाचन नहीं होते हैं, उस समय तक प्रान्तों में इस समय के विधानमण्डल ही कार्य करते रहेंगे।

5. दोनों के लिए एक अलग-अलग गवर्नर जनरल 🎯

A Separate Governor General for both⬇️
भारत और पाकिस्तान दोनों अधिराज्यों में एक-एक गवर्नर जनरल होगा। जिसकी नियुक्ति उनके मंत्रिमंडल की सलाह से की जाएगी। गवर्नर जनरल और प्रान्तों के गवर्नर भविष्य में केवल वैधानिक शासक होंगे।

6. देशी रियासतों पर 'सर्वोपरिता' का अंत 🎯

जहां तक देसी रियासतों का प्रश्न है, उन पर ब्रिटेन की सर्वोपरिता का अंत कर दिया गया और उनको किसी भी अधिराज्य में सम्मिलित होने व अपने भावी संबंधों का निश्चय करने की स्वतंत्रता प्रदान की गयी।

7. भारत मंत्री के पद का अंत 🎯

End of the Post of Indian Minister⬇️
भारत मंत्री का पद समाप्त कर दिया जाएगा, क्योंकि 15 अगस्त 1947 के उपरांत ब्रिटिश संसद का भारत और पाकिस्तान पर कोई नियंत्रण नहीं रहेगा।

8. 1935 के भारतीय शासन अधिनियम द्वारा शासन 🎯

Governance by the Government of India Act 1935⬇️
जिस समय तक वर्तमान संविधान सभा द्वारा नया संविधान बनकर तैयार नहीं किया जाता है, उस समय तक 1935 के भारतीय शासन अधिनियम द्वारा ही शासन होगा। पर परिवर्तित परिस्थितियों के कारण उसमें कुछ आवश्यक परिवर्तन कर दिए गए। अधिनियम में से परिवर्तन किए गए की अंतरिम काल में इन दोनों राज्यों का शासन लोकतांत्रिक पद्धति के आधार पर किया जा सके।